अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना - कृषि मौसम की स्थापना भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् द्वारा वर्ष 1983 में हैदराबाद में अपने मुख्यालय के साथ की गई थी। यह परियोजना 25 केंद्रों पर पूरे देश में संचालित की जा रही है। राजस्थान के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के प्रशासनिक नियंत्रण में बारानी कृषि अनुसंधान केंद्र आरजीया, भीलवाड़ा में मार्च 1996 को केन्द्र का प्रारम्भ किया तत्पश्चात् वर्ष 2003 में यह परियोजना कृषि अनुसन्धान केन्द्र, उदयपुर पर स्थानान्तरित हुई।
परियोजना के मुख्य उद्देश्य हैं -
• राजस्थान के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्र में फसल नियोजन और फसल उत्पादन क्षमता के आकलन के संबंध में कृषि जलवायु का अध्ययन करना।
• राजस्थान के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेेत्रो के प्रमुख बारानी एवं सिंचित फसलों का फसल-मौसम सम्बन्ध स्थापित करना।
• राजस्थान के प्रमुख क्षेत्र की फसलों की जल उपयोग दक्षता और उत्पादकता में सुधार के लिए फसल सूक्ष्म जलवायु के संशोधन की विभिन्न तकनीकों का मूल्यांकन करना।
• राजस्थान की प्रमुख क्षेत्र की फसलों के कीटों और रोगों के प्रकोप और प्रसार पर मौसम के प्रभाव का अध्ययन करना।
• मध्यम श्रेणी के मौसम के पूर्वानुमान का उपयोग करते हुए मौसम आधारित कृषि संबंधी सलाह देना।
राजस्थान के किसानों को मौसम के पूर्वानुमान और कृषि संबंधी परामर्शों के तेजी से प्रसार के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना- कृषि मौसम महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय - कृषि अनुसन्धान केन्द्र, उदयपुर ने एक एंड्रॉइड ऐप “मेवाड़-ऋतु” डिजाइन और विकसित किया है। इस एप्लिकेशन में दी गई जानकारी मौसम पूर्वानुमान एवं कृषि, बागवानी फसलों और पशुपालन में विभिन्न कार्यों की समयबद्ध योजना में राजस्थान के किसानों के लिए उपयोगी है। जानकारी हिंदी भाषा में उपलब्ध है।
ऐप पर जानकारी -
आज का मौसमः राजस्थान के सभी 7 जिलों के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के केन्द्र में पिछले 24 घंटों के दौरान चित्र पर उल्लेखित तारीख के स्थानीय समय प्रातः 7.30 A.M. बजे दर्ज किया गया मौसम संबंधी आकडे़।
मौसम पूर्वानुमानः इसमें भारत मौसम विज्ञान विभाग का 5 दिनों का जिला स्तरीय मूल्यवर्धित पूर्वानुमान शामिल है, जो महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना को प्रदान किया जाता है। पूर्वानुमान प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को अपलोड किया जाता है।
मौसम आधारित कृषि-सलाह: प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को विश्वविद्यालय के विभिन्न विषय विशेषज्ञो द्वारा मौसम आधारित विभिन्न फसलों के लिए कृषि सलाह प्रदान की जाती है।
चेतावनी: दक्षिणी राजस्थान में मौसम संबंधी चेतावनी भी किसानों को प्रदान की जाती है जिससें फसलों में विपरीत मौसम के नुकसान को कम किया जा सकता है।
विशेष आभार -
डॉ. नरेन्द्र सिंह राठौड़
कुलपति,महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर
डॉ. एस.के. बल
परियोजना समन्वयक,
भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसन्धान संस्थान, हैदराबाद
डॉ. एस.के. शर्मा
अनुसंधान निदेशक, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर
तकनीकी सहायता -
1.डाॅ. जगदीश चौधरी , 2. गोपाल नाई, 3. डाॅ. एस.एस. शर्मा, 4. डाॅ. एस. एस. लखावत, 5. डाॅ. नारायण लाल डांगी, 6. डाॅ. जे.एल.चौधरी , 7 डाॅ. पी.सी. रेगर, 8. डाॅ. जितेन्द्र बालीयान, 9. डाॅ. योगेश कनोजिया , 10. डाॅ. हरग्लास मीणा, 11. डाॅ. ज्ञानप्रकाश नरोलिया, 12. डाॅ. प्रियंका स्वामी
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
कृषि मौसम विशेषज्ञ,
सस्य विज्ञान विभाग, राजस्थान कृषि महाविद्यालय ,उदयपुर
e-mail-
[email protected]
[email protected]